शबकिमुतरिबथाशराब-ए-नाबथीपैमानाथा
वोपरी-वशक्यानथागोयाकिजोकुछथानथा
सोज़-ए-दिलसेलबयेहरदमनालाबेताबानाथा
हिज्र-ए-साक़ीमेंकिसीपहलूक़रारअसलानथा
जल्वा-गरदिलमेंख़याल-ए-आरिज़-ए-जानानाथा
घरकीज़ीनतथीकिज़ीनत-बख़्शसाहब-ख़ानाथा
क्याकरूँँअबमुब्तलाहूँआपअपनेहालमें
दीथीनेमतउसनेजबलबपरमिरेशुक्रानाथा
शोहरा-ए-आफ़ाक़होतीमेरीअज़-ख़ुद-रफ़्तगी
ख़ैरियतगुज़रीकिआँखोंसेतुझेदेखानथा
फ़स्ल-ए-गुलमेंछोड़तामयदेखकरमाह-ए-सियाम
कुछजुनूँमुझकोनथावहशतनथीसौदानथा
क्याकहूँडरयेहैवोलैला-अदारुस्वानहो
वर्नामजनूँसेभीकुछबढ़करमेराअफ़्सानानथा
गरनज़ाकतमेंनहोतामिस्ल-ए-तार-ए-अंकबूत
ख़ूबउल्फ़तसेज़मानामेंकोईरिश्तानथा
यूँँज़ईफ़ीआगईगोयाअज़लसेथेज़ईफ़
औरशबाबऐसागयाजैसेकभीआयानथा
हैयक़ीं'आशिक़तुम्हारामरगयाहोलोख़बर
मैंनेकलदेखाथाजाकरहालकुछअच्छानथा
नीम-बाज़आँखेंतुम्हारानामथाविर्द-ए-ज़बाँ
ज़ख़्म-ए-दिलपरहाथथालबपरमगरशिकवानथा
बख़्तकीबरगश्तगीगुज़रीहैहदसेऐ'हबीब'
देखतेहैंउनकेतलवेजिनकामुँहदेखानथा