mere itminaan ke li.e | मेरे इत्मीनान के लिए

  - H. B. Baloch
मेरेइत्मीनानकेलिए
नीलेसमुंदर
हसीनझील
याकिसीघाससेलिपटेहुएतालाबकाज़िक्रज़रूरीनहीं
मेरायक़ीनसमुंदरझीलऔरएकतालाबसेज़ियादासादाहै
येआँखोंपेहीए'तिबारकरलेताहै
आँखेंचाहेसूखीहों
यापुर-आशोब
उनकीगहराईकामुक़ाबलापानीसेनहींकियाजासकता
आँखेंख़ुशहों
याउदास
लेकिनयेसिर्फ़तुम्हारीअपनीहोनीचाहिएँ
किसीऔरकीआँखोंसेदेखतेहुए
यक़ीनकीकोईहदनहींहोती
जबउसेपत्थरसेबनायागयाहो
यक़ीनकेलिएकिसीख़ासदिनकाहोनाज़रूरीनहीं
जबउसेख़्वाबोंसेबुनागयाहो
  - H. B. Baloch
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