ik khalish hai mire baahar mirii dam-saaz giri | इक ख़लिश है मिरे बाहर मिरी दम-साज़ गिरी

  - Ghufran Amjad
इकख़लिशहैमिरेबाहरमिरीदम-साज़गिरी
किसबुलंदीपेथीजिसदममिरीपर्वाज़गिरी
मेरीदहलीज़पेरक्खाहैकुछअँगारोंसा
मेरेआँगनमेंभीझुलसीहुईआवाज़गिरी
किसीए'ज़ाज़पेअबसिक्का-ए-दिलक्याउछले
इसतवातुरसेमियाँक़ीमत-ए-ए'ज़ाज़गिरी
अबभलाकौनकरेचाकगरेबान-ए-जुनूँ
अज़्मत-ए-ज़ुल्फ़घटीचश्म-ए-कँवल-नाज़गिरी
इश्क़नेमो'जिज़ाइसतरहदिखाया'अमजद'
हुस्नकेहाथसेशमशीर-ए-शरर-बाज़गिरी
  - Ghufran Amjad
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