sukoon-e-qalb ho tum rooh ka qaraar ho tum | सुकून-ए-क़ल्ब हो तुम रूह का क़रार हो तुम

  - Ghubar Kiratpuri
सुकून-ए-क़ल्बहोतुमरूहकाक़रारहोतुम
मिरीहयात-ए-मोहब्बतकेराज़दारहोतुम
निगाह-ए-नाज़सेलूटेहैंमेरेक़ल्ब-ओ-जिगर
असीर-ए-ज़ुल्फ़कियाउसकेज़िम्मेदारहोतुम
मिरेज़मीरनेसमझामिरीनज़रनेकहा
मिरीतलबकेलिएहुस्न-ए-इंतिज़ारहोतुम
सुकून-ए-क़ल्बमिलाहैहमारीमहफ़िलमें
मिरीनिगाहकामरकज़होमेरेयारहोतुम
जुदाजुदाहैंनिगाहेंजुदाजुदाहैख़याल
मिरीनिगाहमेंबसशान-ए-किर्दगारहोतुम
मिरेचमनकीतबाहीकिसीकोक्यामालूम
ख़िज़ाँ-रसीदाचमनकीमिरेबहारहोतुम
जहाँमेंअपनेपराएसभीमुख़ालिफ़हैं
'ग़ुबार'ग़ममेंमगरमेरेग़म-गुसारहोतुम
  - Ghubar Kiratpuri
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