क़ल्ब-ओ-नज़रकेसिलसिलेमेरीनिगाहमेंरहे
मुझसेक़रीब-तरनथेजोतिरीचाहमेंरहे
क़हर-ए-ख़ुदाकीज़दपेक्यूँँआनसकेसियाहकार
किसकीसुपुर्दगीमेंथेकिसकीपनाहमेंरहे
सूरत-ए-हालदेखकरसबकोहैफ़िक्रयेकिअब
जिस्मअमाँमेंहोनहोकजतोकुलाहमेंरहे
दार-ओ-रसनकेफ़ैसलेसचकेअमीनहोंअगर
थोड़ीसीजुरअत-ए-सुख़नहर्फ़-ए-गवाहमेंरहे
कोईसबबतोथाकि'ग़ौस'फ़हम-ओ-ज़काकेबावजूद
कार-ए-सवाबछोड़करकार-ए-गुनाहमेंरहे