sukhun ka lahjaa gumaan-khaane men rah gaya hai | सुख़न का लहजा गुमान-ख़ाने में रह गया है

  - Ghazanfar Hashmi
सुख़नकालहजागुमान-ख़ानेमेंरहगयाहै
मिराज़मानाकिसीज़मानेमेंरहगयाहै
जोतुझकोजानाहैइसअँधेरेमेंहीचलाजा
बसएकलम्हादियाजलानेमेंरहगयाहै
अभीतही-दस्तमुझकोमतजानज़माने
किएकआँसूमिरेख़ज़ानेमेंरहगयाहै
कभीजोहुक्म-ए-सफ़रहुआतोखुलायेमुझपर
जोपरसलामतथाआशियानेमेंरहगयाहै
अजबतरहकाअधूरापनहैमिरेबयाँमें
सोमेराक़िस्साकहींसुनानेमेंरहगयाहै
बहुतज़रूरीथाख़ुदसेमिलनामगरग़ज़ंफ़र
येकार-ए-दुनियाकेताने-बानेमेंरहगयाहै
  - Ghazanfar Hashmi
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