suraj ko kya pata hai kidhar dhoop chahiye | सूरज को क्या पता है किधर धूप चाहिए

  - Ghayas Mateen
सूरजकोक्यापताहैकिधरधूपचाहिए
आँगनबड़ाहैअपनेभीघरधूपचाहिए
आईनेटूटटूटकेबिखरेहैंचार-सू
ढूँडेंगेअक्सअक्समगरधूपचाहिए
भीगेहुएपरोंसेतोउड़नेपाएँगे
काटूँउनपरिंदोंकेपरधूपचाहिए
हमसेदरीदा-पैरहन-ओ-जाँकेवास्ते
याक़ूतचाहिएगुहरधूपचाहिए
सूरजजानेकौनसीवादीमेंछुपगया
औरचीख़तीफिरेहैसहरधूपचाहिए
इकनींदहैकिआँखसेलगकरनिकलगई
अबरातकातवीलसफ़रधूपचाहिए
पानीपेचाहेनक़्शबनाएकोई'मतीन'
काग़ज़पेमैंबनाऊँमगरधूपचाहिए
  - Ghayas Mateen
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