jazeera hon ki vo sehra hon KHvaab hona hai | जज़ीरे हों कि वो सहरा हों ख़्वाब होना है

  - Ghayas Mateen
जज़ीरेहोंकिवोसहराहोंख़्वाबहोनाहै
समुंदरोंकोकिसीदिनसराबहोनाहै
सवालपूछनेवालोतुम्हेंभीआख़िर-ए-कार
रहीन-मिन्नत-ए-बार-ए-जवाबहोनाहै
खंडरमेंबैठकेरोनेकीख़ूनहींजाती
तुम्हारीआँखपेशायदअज़ाबहोनाहै
वोज़ुल्मतेंजोउजालोंकेघरमेंरहतीहैं
उन्हेंभीमिस्ल-ए-सहरबे-नक़ाबहोनाहै
वोदिनजोनीलीकिताबोंमेंबंदहैउसको
अभीतोमेरेलिएबे-हिजाबहोनाहै
अभीतोख़्वाहिश-ए-बे-दस्त-ओ-पासलामतहै
अभीकुछऔरयेख़ाना-ख़राबहोनाहै
येशाख़शाख़परिंदेपुकारतेहैं'मतीन'
हमेंतोशाख़सेगिरकरगुलाबहोनाहै
  - Ghayas Mateen
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