har chand abhii KHud par zaahir men aur mire ahbaab nahin | हर चंद अभी ख़ुद पर ज़ाहिर में और मिरे अहबाब नहीं

  - Ghaus Mohammad Ghausi
हरचंदअभीख़ुदपरज़ाहिरमेंऔरमिरेअहबाबनहीं
यारोंपेफ़िदाहोनेवालेकम-याबसहीनायाबनहीं
दुनियाकाभरमक़ाएमरखनाऔरोंकेलिएजीनामरना
इसदौरकीवोतहज़ीबनहींइसदौरकेवोआदाबनहीं
कश्तीपेथपेड़ोंकाहैअसरतीखेसहीमौजोंकेतेवर
फिरभीपस-ए-मंज़रमेंयारोसाज़िशहैकोईगिर्दाबनहीं
महबूब-अदाहैरत-अफ़्ज़ाख़ुश्बू-सीरतजल्वा-सूरत
येख़्वाबहमारेअपनेहैंयेख़्वाबपराएख़्वाबनहीं
हरमौज-ए-रवाँबे-फ़ैज़रहीबे-सायाशजरजैसीउभरी
दरियाभीसराब-आसानिकलाइकलब-तिश्नासैराबनहीं
बाज़ार-ए-वफ़ाऔरबे-रौनक़येतोअलमिय्याहै'ग़ौसी'
हीरेहैंमगरख़ुश-ताबनहींमोतीहैंमगरपुर-आबनहीं
  - Ghaus Mohammad Ghausi
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