jo na wahm-o-gumaan men aave | जो न वहम-ओ-गुमान में आवे

  - Ghamgeen Dehlvi
जोवहम-ओ-गुमानमेंआवे
किसतरहतेरेध्यानमेंआवे
तुझसेहमदमरखूँपोशीदा
हाल-ए-दिलगरबयानमेंआवे
मेरीयेआरज़ूहैवक़्त-ए-मर्ग
उसकीआवाज़कानमेंआवे
मैंदूँगाजवाबतूकहले
जोकितेरीज़बानमेंआवे
येशब-ए-वस्लख़ैरसेगुज़रे
तोमिरीजानजानमेंआवे
हाएक्याहोअभीजोहमदम
वोसनमइसमकानमेंआवे
गरखुलेचश्म-ए-दिलतोतुझकोनज़र
वोहीसारेजहानमेंआवे
उसकीता'रीफ़क्याकरूँँ'ग़मगीं'
हल-अताजिसकीशानमेंआवे
  - Ghamgeen Dehlvi
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