us shola-roo se jab se mirii aankh ja lagii | उस शो'ला-रू से जब से मिरी आँख जा लगी

  - Ghamgeen Dehlvi
उसशो'ला-रूसेजबसेमिरीआँखजालगी
क्याजानेतबसेसीनेमेंक्याआगलगी
का'बेमेंवोज़ुहूरहैजोबुत-कदेमेंहै
शैख़मुंसिफ़ीसेतूकहियोख़ुदा-लगी
पातकभीदस्तरसहोमुझकोयेरश्कहै
औरतेरेहाथमेंरहेक़ातिलहिनालगी
दुश्नामतुमनेमुझकोजोदीतोमैंख़ुशहुआ
औरमैंनेदीदु'आतोतुझेबद-दुआलगी
वोग़ुंचा-लबजोख़ंदा-ज़नाँहैचमनमेंआज
शायदगुलोंकेखिलनेकीउसकोहवालगी
ख़्वाबीदाबख़्तनेवहींबेदारकरदिया
तेरेख़यालमेंजोयेआँखइकज़रालगी
'ग़मगीं'जोएकआनपेतेरेअदाहुआ
क्याख़ुशअदाउसेतिरीख़ुश-अदालगी
  - Ghamgeen Dehlvi
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