kaun aaya hai | कौन आया है

  - Ghalib Ahmad
कौनआयाहै
येकिसनेफूँककररखेक़दम
दहलीज़परचुप-चापचोरोंकीतरह
रातकीतारीकियोंमेंसरसराहटसाँपकी
साँसकोसीनेकेअंदररोकलो
सुनलेक़दमोंकीआहट
दिलकीधड़कनकोकहोचुपसाधले
दिलकादरवातोथा
परवोतोदरवाज़ेसेअंदरगया
उसनेदस्तकभीदी
एकसाएकीतरहहैसाथसाथ
क्याकरेंकिसकोबुलाएँ
क्याकहेंयेकौनहै
चुप-चापबे-आवाज़
गुम-सुमसामनेबैठाहुआ
यूँँतोसबकुछहै
अगरसोचोतोयेकुछभीनहीं
वहम-ओ-गुमाँ
कौनअबढूँडेउसे
वोतोकररातकीतारीकियोंमें
इसतरहघुल-मिलगया
जैसेअपनाजिस्महोउसकालिबास
हमनेदेखाहैउसे
जोख़ुदसेभीरू-पोशहै
वोहमारीरूहकीगर्दिशमेंहै
औरहमारेजिस्मसेसैराबहै
अबअगरतुमसोसकोतोसोरहो
अबवोजाएगाकहाँ
अबवोशायदफिरआएगाकभी
  - Ghalib Ahmad
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