ruke hai aamad-o-shud men nafs nahin chaltaa | रुके है आमद-ओ-शुद में नफ़स नहीं चलता

  - George Puech Shor
रुकेहैआमद-ओ-शुदमेंनफ़सनहींचलता
यहीहैहुक्म-ए-इलाहीतोबसनहींचलता
हवाकेघोड़ेपेरहताहैवोसवारमुदाम
किसीकाउसकेबराबरफ़रसनहींचलता
गुज़िश्तासालजोदेखावोअबकेसालनहीं
ज़मानाएकसाबसहरबरसनहींचलता
नहींहैटूटेकीबूटीजहानमेंपैदा
शिकस्ताजबहुआतार-ए-नफ़सनहींचलता
  - George Puech Shor
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