hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Gayatri Mehta
tu ne koshish to ki zamaane par
tu ne koshish to ki zamaane par | तू ने कोशिश तो की ज़माने पर
- Gayatri Mehta
तू
ने
कोशिश
तो
की
ज़माने
पर
लौ
बुझी
ही
नहीं
बुझाने
पर
मेरे
हाथों
का
देखने
जादू
घर
पे
आओ
कभी
तो
खाने
पर
लाश
ख़्वाबों
की
दफ़्न
कर
आए
दर्द
अब
जा
लगा
ठिकाने
पर
कोई
सीखे
नहीं
सिखाने
से
अक़्ल
आती
है
चोट
खाने
पर
नाम
उस
के
किए
हैं
दिन
भी
तो
क्यूँ
तमाशा
है
शब
बिताने
पर
- Gayatri Mehta
Download Ghazal Image
तुझे
छूकर
अभी
तक
होश
में
हूँ
कमी
कोई
कहीं
तो
रह
गई
है
Abhay Mishra
Send
Download Image
6 Likes
सर-ज़मीन-ए-हिंद
पर
अक़्वाम-ए-आलम
के
'फ़िराक़'
क़ाफ़िले
बसते
गए
हिन्दोस्ताँ
बनता
गया
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
48 Likes
मैं
उसे
वो
मुझको
समझाता
रहा
पर
त'अल्लुक़
फिर
भी
मुरझाता
रहा
Madan Mohan Danish
Send
Download Image
34 Likes
'फ़ैज़'
थी
राह
सर-ब-सर
मंज़िल
हम
जहाँ
पहुँचे
कामयाब
आए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
24 Likes
लोग
हम
सेे
सीखते
हैं
ग़म
छुपाने
का
हुनर
आओ
तुमको
भी
सिखा
दें
मुस्कुराने
का
हुनर
क्या
ग़ज़ब
है
तजरबे
की
भेंट
तुम
ही
चढ़
गए
तुम
से
ही
सीखा
था
हमने
दिल
दुखाने
का
हुनर
Read Full
Kashif Sayyed
Send
Download Image
59 Likes
लबों
में
आ
के
क़ुल्फ़ी
हो
गए
अश'आर
सर्दी
में
ग़ज़ल
कहना
भी
अब
तो
हो
गया
दुश्वार
सर्दी
में
Sarfaraz Shahid
Send
Download Image
47 Likes
तकल्लुफ़
छोड़कर
आओ
उसे
फिर
से
जिया
जाए
हमारा
बचपना
जो
एल्बमों
में
क़ैद
रहता
है
Shiva awasthi
Send
Download Image
3 Likes
जब
तक
जला
ये
हम
भी
जले
इसके
साथ
साथ
जब
बुझ
गया
चराग़
तो
सोना
पड़े
हमें
Abbas Qamar
Send
Download Image
26 Likes
किस
तरह
मेरी
जान
ये
किरदार
बने
है
जो
तुझ
सेे
मिले
है
वो
तेरा
यार
बने
है
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
45 Likes
पहले
पानी
को
और
हवा
को
बचाओ
ये
बचा
लो
तो
फिर
ख़ुदा
को
बचाओ
Swapnil Tiwari
Send
Download Image
36 Likes
Read More
बदलते
पल
में
हम
महरम
नहीं
हैं
तेरे
जैसे
तो
कम
से
कम
नहीं
हैं
मनाना
भी
तुम्हें
जी
जान
से
है
ख़फ़ा
करने
में
भी
हम
कम
नहीं
है
गुनाहों
को
तिरे
दे
दें
मुआ'फ़ी
ख़ुदा
है
वो
कि
देखो
हम
नहीं
हैं
लुटा
कर
तेरे
हिस्से
की
मोहब्बत
मेरी
आँखें
ज़रा
भी
नम
नहीं
हैं
मुझे
सीने
से
अपने
तुम
लगा
लो
जुदा
होने
के
ये
मौसम
नहीं
हैं
Read Full
Gayatri Mehta
Download Image
0 Likes
जो
कुछ
मुझ
से
कमाया
जा
रहा
है
महज़
घर
का
किराया
जा
रहा
है
सुबूतों
को
मिटाया
जा
रहा
है
यूँँ
सच
का
क़द
घटाया
जा
रहा
है
वो
पत्थर
से
ज़ियादा
कुछ
नहीं
है
तो
फिर
सर
क्यूँ
झुकाया
जा
रहा
है
नहीं
निय्यत
मदद
की
हाथ
फिर
भी
बढ़ाने
को
बढ़ाया
जा
रहा
है
हक़ीक़त
हम
से
है
मुँह
फेर
बैठी
सो
ख़्वाबों
को
जगाया
जा
रहा
है
अलग
मैं
भीड़
से
चलने
लगी
हूँ
मुझे
पागल
बताया
जा
रहा
है
Read Full
Gayatri Mehta
Download Image
0 Likes
फ़क़त
इस
बात
पे
दिल
रो
गया
है
जो
मेरा
था
नहीं
वो
खो
गया
है
हुई
हैरत
मुझे
इस
बात
की
वो
मिरी
बाँहों
में
कैसे
सो
गया
है
मैं
अब
उस
को
जगाऊँ
भी
तो
कैसे
जो
मुझ
से
लड़-झगड़
के
सो
गया
है
वो
अपनी
ज़िंदगी
के
पाप
सारे
समझ
के
मुझ
को
गंगा
धो
गया
है
अब
इस
में
फल
लगेंगे
नफ़रतों
के
वो
मुझ
में
बीज
ऐसा
बो
गया
है
Read Full
Gayatri Mehta
Download Image
0 Likes
जिस्म
से
हो
के
पार
आए
हम
रूह
बिस्तर
पे
हार
आए
हम
ले
के
दिल
में
ग़ुबार
आए
हम
देख
पर्वरदिगार
आए
हम
उन
से
मिलने
की
बे-क़रारी
थी
मिल
के
भी
बे-क़रार
आए
हम
इक
भरोसा
दिलाने
की
ख़ातिर
शर्म
अपनी
उतार
आए
हम
आख़िरी
बार
मिल
के
आए
तो
उस
को
दिल
से
उतार
आए
हम
अब
के
हम
लौट
कर
कहाँ
जाएँ
घर
से
हो
के
फ़रार
आए
हम
Read Full
Gayatri Mehta
Download Image
0 Likes
थक
गए
सब
कहते
दीवाना
हमें
आप
ने
ही
देर
से
जाना
हमें
बात
चुभती
है
उसे
थोड़ी
मगर
ऐसे
ही
आता
है
समझाना
हमें
उस
ने
होंटों
से
पिलाई
देर
तक
आ
गया
है
रास
मय-ख़ाना
हमें
बाद
मुद्दत
के
मिला
वो
दिल
मकीं
हाए
पूछे
है
कि
पहचाना
हमें
Read Full
Gayatri Mehta
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Religion Shayari
Khuddari Shayari
Kismat Shayari
Mashwara Shayari
Zindagi Shayari