ve baahar kitne baje bhi ja sakti hai | वे बाहर कितने बजे भी जा सकती है

  - Gaurav Solanki
वेबाहरकितनेबजेभीजासकतीहै
किसीभीकामसे
जैसेप्याजख़रीदनेहोदालछोंकनेसेतुरंतपहले
याफोटोकॉपीकरवानीहोडिग्रियाॅं
होसकताहैकिवेघरसेभागनेकेलिएनिकलीहों
यालौटरहीहोंघर
जैसेवेलौटतीआईहैसदियोंसे
उसप्रेमीकेसाथहफ़्तायामहीनाबिताकर
जिसनेकहाथाकिसाथमरेंगे
परएकसुब्हहोटलकाबिलदिएबिनाभागनिकलाऔरफिरलौटानहीं.
होसकताहैकिवेघरसेभागनेकेलिएनिकलीहों
याफिरघरलौटरहीहों
याफिरजिस्मभीबेचतीहोसकतीहै
औरइंश्योरेंसभी
मैंनेतोउन्हेंमोक्षबेचतेभीदेखाहै
परउसपरफिरकभी.
उनकेहाथमेंरैकेटहोतोयेसमझनाकीवोटेनिसखेलनेजारहीहै
कोईरॉकेटसाइंसनहींलगतायेसमझनेमें
परअगरहाथमेंहॉकीहोतोवेखेलनेकेलिएभीजारहीहोसकतीहै
औरमारनेकेलिएभी
मारनासहीनहींक़ानूननहालाँकि,
सहीतोयहभीनहींकितुमबारबारसिखानेकेबावजूद
येबेसिकसीबातनहींसीखपाएआजतक
किवेबाहरकितनेभीबजेजासकतीहै
किसीभीकामसे.
  - Gaurav Solanki
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