shab vahii lekin nazaara aur hai | शब वही लेकिन नज़ारा और है

  - G R Kanwal
शबवहीलेकिननज़ाराऔरहै
रौशनीकमहैसिताराऔरहै
कश्तियाँतोएकजैसीहैंतमाम
हैंअलगदरियाकिनाराऔरहै
इसतरफ़लहरोंकामंज़रहैअलग
उसतरफ़पानीकाधाराऔरहै
मुश्तरकहैंमंज़िलेंलेकिनसफ़र
हैजुदाउनकाहमाराऔरहै
पहलेकहतेथेसनमकोमाहताब
अहद-ए-नौकाइस्तिआराऔरहै
रूहकेदमसेहैउसकीकाएनात
जिस्मकोकिसकासहाराऔरहै
बनरहाहैअबजोधरतीपे'कँवल'
वोजहाँसारेकासाराऔरहै
  - G R Kanwal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy