waqt-e-ghuroob aaj karaamaat ho gaii | वक़्त-ए-ग़ुरूब आज करामात हो गई

  - Firaq Gorakhpuri
वक़्त-ए-ग़ुरूबआजकरामातहोगई
ज़ुल्फ़ोंकोउसनेखोलदियारातहोगई
कलतकतोउसमेंऐसीकरामतथीकोई
वोआँखआजक़िबला-ए-हाजातहोगई
सोज़-ए-इश्क़तूनेमुझेक्याबनादिया
मेरीहरएकसाँसमुनाजातहोगई
ओछीनिगाहडालकेइकसम्तरखदिया
दिलक्यादियाग़रीबकीसौग़ातहोगई
कुछयादगईथीवोज़ुल्फ़-ए-शिकन-शिकन
हस्तीतमामचश्मा-ए-ज़ुल्मातहोगई
अहल-ए-वतनसेदूरजुदाईमेंयारकी
सब्रगया'फ़िराक़'करामातहोगई
  - Firaq Gorakhpuri
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