ye kis khalish ne phir is dil men aashiyana kiya | ये किस ख़लिश ने फिर इस दिल में आशियाना किया

  - Faiz Ahmad Faiz
येकिसख़लिशनेफिरइसदिलमेंआशियानाकिया
फिरआजकिसनेसुख़नहमसेग़ाएबानाकिया
ग़म-ए-जहाँहोरुख़-ए-यारहोकिदस्त-ए-अदू
सुलूकजिससेकियाहमनेआशिक़ानाकिया
थेख़ाक-ए-राहभीहमलोगक़हर-ए-तूफ़ाँभी
सहातोक्यासहाऔरकियातोक्याकिया
ख़ुशाकिआजहरइकमुद्दईकेलबपरहै
वोराज़जिसनेहमेंराँदा-ए-ज़मानाकिया
वोहीला-गरजोवफ़ा-जूभीहैजफ़ा-ख़ूभी
कियाभी'फ़ैज़'तोकिसबुतसेदोस्तानाकिया
  - Faiz Ahmad Faiz
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