qarz-e-nigaah-e-yaar ada kar chuke hain ham | क़र्ज़-ए-निगाह-ए-यार अदा कर चुके हैं हम

  - Faiz Ahmad Faiz
क़र्ज़-ए-निगाह-ए-यारअदाकरचुकेहैंहम
सबकुछनिसार-ए-राह-ए-वफ़ाकरचुकेहैंहम
कुछइम्तिहान-ए-दस्त-ए-जफ़ाकरचुकेहैंहम
कुछउनकीदस्तरसकापताकरचुकेहैंहम
अबएहतियातकीकोईसूरतनहींरही
क़ातिलसेरस्म-ओ-राहसिवाकरचुकेहैंहम
देखेंहैकौनकौनज़रूरतनहींरही
कू-ए-सितममेंसबकोख़फ़ाकरचुकेहैंहम
अबअपनाइख़्तियारहैचाहेजहाँचलें
रहबरसेअपनीराहजुदाकरचुकेहैंहम
उनकीनज़रमेंक्याकरेंफीकाहैअबभीरंग
जितनालहूथासर्फ़-ए-क़बाकरचुकेहैंहम
कुछअपनेदिलकीख़ूकाभीशुक्रानाचाहिए
सौबारउनकीख़ूकागिलाकरचुकेहैंहम
  - Faiz Ahmad Faiz
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