kyun aasmaan-e-hijr ke taare chale ga.e | क्यूँँ आसमान-ए-हिज्र के तारे चले गए

  - Faisal Fehmi
क्यूँँआसमान-ए-हिज्रकेतारेचलेगए
अबक्याहुआजोख़्वाबतुम्हारेचलेगए
साक़ीकेदरपेआजबग़ावतकेशोरमें
हमजामजामजामपुकारेचलेगए
रूठाहुआहैचाँदबहुतआफ़्ताबसे
औरचाँदनीकोढूँडनेतारेचलेगए
इसदस्त-ए-इख़्तियारमेंइकजानहीतोथी
हमतुमपेअपनीजानकोवारेचलेगए
बे-मेहरज़िंदगीकागुज़ाराहोसका
हमबारबारइश्क़मेंहारेचलेगए
  - Faisal Fehmi
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