येपैरहनजोमेरीरूहकाउतरनसका
तोनख़-ब-नख़कहींपैवस्तरेशा-ए-दिलथा
मुझेमआल-ए-सफ़रकामलालक्यूँँकरहो
किजबसफ़रहीमेराफ़ासलोंकाधोकाथा
मैंजबफ़िराक़कीरातोंमेंउसकेसाथरही
वोफिरविसालकेलम्होंमेंक्यूँँअकेलाथा
वोवास्तेकीतेरादरमियाँभीक्यूँँआए
ख़ुदाकेसाथमेराजिस्मक्यूँँनहोतन्हा
सराबहूँमैंतेरीप्यासक्याबुझाऊँगी
इसइश्तियाक़सेतिश्नाज़बाँक़रीबनला
सराबहूँकिबदनकीयहीशहादतहै
हरएकउज़्वमेंबहताहैरेतकादरिया
जोमेरेलबपेहैशायदवहीसदाक़तहै
जोमेरेदिलमेंहैउसहर्फ़-ए-राएगाँपेनजा
जिसेमैंतोड़चुकीहूँवोरौशनीकातिलिस्म
शुआ-ए-नूर-ए-अज़लकेसिवाकुछऔरनथा