bin pi.e ik khumaar tha kya tha | बिन पिए इक ख़ुमार था क्या था

  - Fahmida Mosarrat Ahmad
बिनपिएइकख़ुमारथाक्याथा
तेराचेहराबहारथाक्याथा
वोरह-ए-इश्क़मेंजुनूँअपना
दिलजोतुझपरनिसारथाक्याथा
वोमिरावहमयाहक़ीक़तथी
तेरीनज़रोंमेंप्यारथाक्याथा
बज़्ममेंतेरीमेहरबाँथेबहुत
मेराउनमेंशुमारथाक्याथा
वक़्त-ए-रुख़्सतकिसीकीआँखोंमें
छायाकैसाग़ुबारथाक्याथा
वोभीरोयाथादर्द-ए-फ़ुर्क़तमें
लगरहाअश्क-बारथाक्याथा
तेरेदिलमेंसदाखटकतारहा
बद-गुमानीकाख़ारथाक्याथा
करकेफिरमेरेए'तिबारकाख़ून
जोगयाहैवोयारथाक्याथा
हमथेउलझनमेंआपभीचुपथे
कौनसरपरसवारथाक्याथा
मैंतोमरकरभीमुंतज़िरहीरही
वोतिराइंतिज़ारथाक्याथा
  - Fahmida Mosarrat Ahmad
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