raaste men shaam ho gaii qissa tamaam ho chuka | रस्ते में शाम हो गई क़िस्सा तमाम हो चुका

  - Faheem Shanas Kazmi
रस्तेमेंशामहोगईक़िस्सातमामहोचुका
जोकुछभीथाज़िंदगीवोतेरेनामहोचुका
कबकीगुज़रगईवोशबजिसमेंकिसीकानूरथा
कबकीगलीमेंधूपहैजीनाहरामहोचुका
फिरतेरहेंनगरनगरकूचा-ब-कूचादर-ब-दर
अपनेख़ियामजलचुकेअपनासलामहोचुका
रातमेंबाक़ीकुछनहींनींदमेंबाक़ीकुछनहीं
अपनाहरएकख़्वाबतोनज़्र-ए-अवामहोचुका
उसकेलबोंकीगुफ़्तुगूकरतेरहेसुबूसुबू
यानीसुख़नहुएतमामयानीकलामहोचुका
इश्क़गरऐसाइश्क़हैआँखोंसेबहनेदोलहू
ज़ीस्तगरऐसीज़ीस्तहैअपनातोकामहोचुका
रस्तेतमामहोगएउसकीगलीकेआस-पास
यानीख़िरामहोचुकायानीक़यामहोचुका
  - Faheem Shanas Kazmi
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