mare dil beech naqsh-e-naaznin hai | मरे दिल बीच नक़्श-ए-नाज़नीं है

  - Faez Dehlvi
मरेदिलबीचनक़्श-ए-नाज़नींहै
मगरयेदिलनहींयारोनगींहै
कमरपरतेरीउसकादिलहुआमहव
तिरा'आशिक़बहुतबारीक-बींहै
जोकहिएउसकेहक़मेंकमहैबे-शक
परीहैहूरहैरूह-उल-अमींहै
ग़ुलामउसकेहैंसारेअबसिरीजन
नगरमेंहुस्नकेकुर्सी-नशींहै
नहींअबजगमेंवैसाऔरपीतम
सबीख़ुश-सूरताँसूँनाज़नींहै
मुझेहैमोशगाफ़ीमेंमहारत
जोनितदिलमहवख़त्त-ए-अम्बरींहै
नज़रकरलुत्फ़कीशाह-ए-ख़ूबाँ
तिरा'फ़ाएज़'ग़ुलाम-ए-कम-तरींहै
  - Faez Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy