dilon ke beech badan ki faseel utha dii jaa.e | दिलों के बीच बदन की फ़सील उठा दी जाए

  - Ezaz Afzal
दिलोंकेबीचबदनकीफ़सीलउठादीजाए
सिमटरहीहैमसाफ़तज़राबढ़ादीजाए
हमारीसम्तकभीज़हमत-ए-सफ़रतोकरो
तुम्हारीराहमेंभीकहकशाँबिछादीजाए
बनीतोहोगीकहींसरहद-ए-गराँ-गोशी
तुम्हींबताओकहाँसेतुम्हेंसदादीजाए
किसीकेकामतोआएख़ुलूसकीख़ुशबू
मिज़ाजमेंसहीजिस्ममेंबसादीजाए
येसोचतेनहींक्यूँँफ़ासलेतवीलहुए
येपूछतेहैंकिरफ़्तारक्यूँँबढ़ादीजाए
येमहवियतकहींतुझसेफेरदेसबको
तिरीतरफ़सेतवज्जोहज़राहटादीजाए
तकल्लुफ़ातकीपुर-पेचवादियाँकबतक
ब-राह-ए-रास्तउन्हेंदावत-ए-वफ़ादीजाए
सुनीहैंहमनेबहुततीरगीपेतक़रीरें
मिलेलफ़्ज़अगररौशनीबुझादीजाए
गुज़रनेवालीहवाख़ुदपतालगालेगी
ज़रासीआगकिसीराखमेंदबादीजाए
  - Ezaz Afzal
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