jab phail ke veeraanon se veeraane milenge | जब फैल के वीरानों से वीराने मिलेंगे

  - Ezaz Afzal
जबफैलकेवीरानोंसेवीरानेमिलेंगे
दिलखोलकेदीवानोंसेदीवानेमिलेंगे
कू-ए-ख़मोशीकीतरफ़भागनेवालो
हरगामपेअफ़्सानेहीअफ़्सानेमिलेंगे
ज़ंजीरलिएहाथोंमेंकुछसोचरहेहैं
ज़िंदाँमेंबहुतऐसेभीदीवानेमिलेंगे
जोगर्मी-ए-महफ़िलसेजलालेतेहैंशमएँ
परवानोंमेंकुछऐसेभीपरवानेमिलेंगे
हाँदेखज़राफैलकेतिश्नगी-ए-शौक़
हरजाममेंसिमटेहुएमय-ख़ानेमिलेंगे
  - Ezaz Afzal
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