sarhad-e-jalwa se jo aage nikal jaayegi | सरहद-ए-जल्वा से जो आगे निकल जाएगी

  - Ezaz Afzal
सरहद-ए-जल्वासेजोआगेनिकलजाएगी
वोनज़रजुर्म-रसाईकीसज़ापाएगी
चश्म-ए-साक़ीकहींअपनाभरमखोबैठे
औरकबतकयेमिरीप्यासकोबहलाएगी
जोनज़रगुज़रीहैतपतेहुएनज़्ज़ारोंसे
क्यातसव्वुरकीघनीछाँवमेंसोजाएगी
क्यूँँरहेंशहरभीफ़ैज़ान-ए-जुनूँसेमहरूम
अक़्लदीवानोंपेपत्थरहीतोबरसाएगी
हैख़िज़ाँमौसम-ए-अफ़्सुर्दा-निगाहीकानाम
बुझगयाशौक़तोहरशाख़झुलसजाएगी
  - Ezaz Afzal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy