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Om Shukla
maine uske khwaab tak the dekh daleus se meri aankh tak dekhi na gayi
maine uske khwaab tak the dekh daleus se meri aankh tak dekhi na gayi | मैने उसके ख़्वाब तक थे देख डाले
- Om Shukla
मैने
उसके
ख़्वाब
तक
थे
देख
डाले
उस
से
मेरी
आँख
तक
देखी
न
गई
- Om Shukla
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सलीक़ा
तो
नहीं
मालूम
हम
को
दीद
का
लेकिन
झुकाती
है
नज़र
को
जब
नज़र
भर
देखते
हैं
हम
Sandeep dabral 'sendy'
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मुझे
तो
उसका
भीतरी
ग़ुबार
है
निकालना
सो
आँख
चूमता
हूँ
उसके
होंठ
चूमता
नहीं
Siddharth Saaz
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पुतलियाँ
तक
भी
तो
फिर
जाती
हैं
देखो
दम-ए-नज़अ
वक़्त
पड़ता
है
तो
सब
आँख
चुरा
जाते
हैं
Ameer Minai
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इतने
दुख
से
भरी
है
ये
दुनिया
आँख
खुलते
ही
आँख
भर
आए
shampa andaliib
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सौ
सौ
उमीदें
बँधती
है
इक
इक
निगाह
पर
मुझ
को
न
ऐसे
प्यार
से
देखा
करे
कोई
Allama Iqbal
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कभी
पहले
नहीं
था
जिस
क़दर
मजबूर
हूँ
मैं
आज
नज़र
आऊँ
न
ख़ुद
क्या
तुम
सेे
इतना
दूर
हूँ
मैं
आज
तुम्हारे
ज़ख़्म
को
ख़ाली
नहीं
जाने
दिया
मैंने
तुम्हारी
याद
में
ही
चीख़
के
मशहूर
हूँ
मैं
आज
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SHIV SAFAR
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माँग
सिन्दूर
भरी
हाथ
हिनाई
करके
रूप
जोबन
का
ज़रा
और
निखर
आएगा
जिसके
होने
से
मेरी
रात
है
रौशन
रौशन
चाँद
में
आज
वही
अक्स
नज़र
आएगा
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Azhar Iqbal
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भीगी
पलकें
देख
कर
तू
क्यूँँ
रुका
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
तो
मेरी
आँख
में
कुछ
आ
गया
है
ख़ुश
हूँ
मैं
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आकर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
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Zubair Ali Tabish
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शाम
से
आँख
में
नमी
सी
है
आज
फिर
आप
की
कमी
सी
है
Gulzar
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आँख
भर
आई
किसी
से
जो
मुलाक़ात
हुई
ख़ुश्क
मौसम
था
मगर
टूट
के
बरसात
हुई
Manzar Bhopali
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पेशानी
को
चूमो
मेरे,
बालों
को
सहलाओ
ना
अकेले
मैं
मर
जाऊंगा,
अब
तो
वापस
आओ
ना
Om Shukla
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इश्क़
करो
तो
डूब
के
जानाँ
दरिया
की
रफ्तार
न
पूछों
Om Shukla
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दर्द
बड़ा
है
फुरकत
में
यही
लिखा
था
किस्मत
में
इश्क़
कोई
अलग
नशा
है
नहीं
जो
दौलत
शोहरत
में
ख़ुद
को
अबके
पा
के
आए
काम
किया
ये
हिजरत
में
शोहरत
में
सब
साथ
रहे
कोई
नहीं
ज़रूरत
में
मैं
ख़ुद
ही
मर
जाऊँगा
इस
आलम
की
सोहबत
में
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Om Shukla
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हुआ
न
हम
सेे
जब
जब्त
तो
चले
आए
कहे
गए
जब
कमबख्त
तो
चले
आए
मोम
सा
बदन
था
उस
दिलकशी
का
दिल
था
पर
बहुत
सख्त
तो
चले
आए
परिंदों
का
मन
लगा
था
बियाबान
में
सूखे
जो
सभी
दरख़्त
तो
चले
आए
बुरे
हालात
में
हमने
साथ
दिया
उनका
आया
जो
अच्छा
वक़्त
तो
चले
आए
ऐसा
न
था
कि
जंग
थी
मुहब्बत
पर,
खाई
हमने
जब
शिकस्त
तो
चले
आए
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Om Shukla
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मुझ
सेे
भी
अच्छी
लड़कियाँ
हैं
इस
जमाने
में
प्यासे
को
दरिया
दीजे,
समुंदर
न
दीजिये
Om Shukla
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