jang | "जंग"

  - Om Shukla
"जंग"
एकजंगजोहमनेशुरूकीएकरोज़माजीकीयादमें
मनकेबियाबानकेकिसीशजरकीडालियोंकेटूटकररगड़नेसेसुलगीहुईचिंगारीसे
किसीटापूपरबसाएगएशहरोंकीऊँचीबालकनियोंसे
मुहब्बतसेबनेपुलकेटूटेहुएमेहराबपरबैठीतितलियोंसे
पुरानीकिताबकेमुड़ेहुएपन्नेकेकोनेपरलिखीतारीखोंसे
उनतकलीफोंसेजोतेरीकमीकेबादमेरेसीनेपरपहाड़बनगईहैं
उनसभीसायोंसेजोकभीथेहीनहीं,लेकिनमैंनेमहसूसकियाहै
उनसिलवटोसेजोदालानमेंपड़ीचारपाईकेबिस्तरेपरसिमटीहुईहैं
उनआँखोंसेजिन
मेंकोईझीलनहीं,लेकिनभरीरहतीहैं
उसचायकीदुकानसेजहाँपरजानेकितनेमिट्टीकेकपोंकोहमनेतुम्हारेहोंठसमझकरचूमाहै
उनसभीगजलोंसेजिनकोतुम्हेंयादकरकेलिखाहै
उसबलिश्तसेजिसकोअपनेसिरहानेरखकरसोएहैं,रोयेहैं
उनपरिंदोंसेजिन्हेंहमनेसाथमेंबैठकरदानेखिलायेहैं
उसगुलाबसेजिसकीपंखुड़ियोंकीमहकतुम्हारेजिस्मसेआतीरहीहै
औरशामकोपौनेसातबजेतुम्हारेशहरजातीउसट्रेनसेभी
जंगशायदसबसहीकरदे,मुहब्बतनेतोलगभगनेस्तनाबूदकरदियाहै
हमतुम्हारीयादकेहुक्केकोपिएँगेऔरअपनेहोंठोंसेउदासीकाधुआँफूंकतेरहेंगे
  - Om Shukla
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