ek ik pal men suno saikdon gham kaatte hain | एक इक पल में सुनो सैंकड़ों ग़म काटते हैं

  - Ejazulhaq Shahab
एकइकपलमेंसुनोसैंकड़ोंग़मकाटतेहैं
ज़िंदगीकटतीकहाँहैउसेहमकाटतेहैं
मिलकेरहतेहैंवतनमेंसभीहम-साएमगर
इसमोहब्बतकोसियासतकेउधमकाटतेहैं
गुलशन-ए-दहरकेहरगुलसेमहकतागुलशन
मिलकेहमआइएनफ़रतकेअलमकाटतेहैं
आलम-ए-हिज्रमेंहैंवस्लकीयादोंकेचराग़
इन्हींयादोंसेतिरेहिज्रकाग़मकाटतेहैं
हमनेजोकीथीवफ़ावोहीवफ़ाजुर्महुई
देखिएइसकीसज़ाकितनेजनमकाटतेहैं
पाकरक्खाहैतख़य्युलकोइबादतकीतरह
इतनीजिद्दतसेतभीशे'रकाज़मकाटतेहैं
उम्रगुज़रीहै'शहाब'अपनीजफ़ाओंकेतईं
दिलकोरहरहकेजफ़ाओंकेसितमकाटतेहैं
  - Ejazulhaq Shahab
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