ik aftaab ka rang ek mahtaab ka rang | इक आफ़्ताब का रंग एक माहताब का रंग

  - Ejazulhaq Shahab
इकआफ़्ताबकारंगएकमाहताबकारंग
मिलाकेढालागयाहैतिरेशबाबकारंग
नुमायाँजिस्महैऔरशोख़हैनक़ाबकारंग
बदलरहाहैज़मानेमेंअबहिजाबकारंग
मिलीनज़रजोमिरीदफ़अ'तनसर-ए-महफ़िल
हयासेरुख़पेतेरेगयागुलाबकारंग
निकलपड़ेहैंजोजुगनूलिएहुएक़िंदील
उतरगयाहैतभीसेइसआफ़्ताबकारंग
सुनाहैतख़्तलरज़तेहैंताजहिलतेहैं
जोहमग़ज़लमेंमिलातेहैंइंक़लाबकारंग
सलीक़ाज़ीस्तकोजीनेकाहमनेसीखाहै
सरोंपेजबसेचढ़ाहैतेरीकिताबकारंग
वोपहलेपहलेसेतेवरहवाहुएदेखो
उड़ाउड़ासाहैकुछदिनसेअबजनाबकारंग
किसीकेसरपेचढ़ारंग'मीर'-ओ-'ग़ालिब'का
किसीकेसरपेचढ़ेगाकभी'शहाब'कारंग
  - Ejazulhaq Shahab
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