theen ik sukoot se zaahir mohabbatein apni | थीं इक सुकूत से ज़ाहिर मोहब्बतें अपनी

  - Ejaz Obaid
थींइकसुकूतसेज़ाहिरमोहब्बतेंअपनी
अबआँसुओंनेभीबख़्शेंइनायतेंअपनी
किबर्ग-हा-ए-ख़िज़ाँदीदा-जूँउड़ाएहुए
कशाँकशाँलिएफिरतीहैंवहशतेंअपनी
सभीकोशकहैकिख़ुदहममेंबे-वफ़ाईहै
कहाँकहाँहुईहैंशिकायतेंअपनी
चलेजहाँसेथेअबआओलौटजाएँवहीं
निकालींराहोंनेहमसेअदावतेंअपनी
कुछऔरकरदेगीबोझलफ़ज़ाकोख़ामोशी
चलोकिशोरमचाएँशरारतेंअपनी
हमाराजोभीत'अल्लुक़थाउसकेदमसेथा
लोआजख़त्महुईंसबरिक़ाबतेंअपनी
  - Ejaz Obaid
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