wahin pe gham hai jahaan par khushi padi hui hai | वहीं पे ग़म है जहाँ पर ख़ुशी पड़ी हुई है

  - Ejaz Haidar
वहींपेग़महैजहाँपरख़ुशीपड़ीहुईहै
औरउनकेबीचमेंभीदुश्मनीपड़ीहुईहै
निमटलूँउससेतोसोचूँगाअपनेबारेमें
अभीतोमेरेगलेज़िंदगीपड़ीहुईहै
निगाहमुझपेकरेगाज़रूरदश्त-ए-जुनूँ
ज़रासीख़ाकमिरेसरमेंभीपड़ीहुईहै
जोबातहोसकीउसकीबातकीजाए
वोबातजोकिअभीअन-कहीपड़ीहुईहै
मैंइसलिएभीनहींखोलतावोअलमारी
पुरानेकपड़ोंमेंदीवानगीपड़ीहुईहै
  - Ejaz Haidar
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