dhoondhta hooñ roz-o-shab kaun se jahaan men hai | ढूँढता हूँ रोज़-ओ-शब कौन से जहाँ में है

  - Ejaz Gul
ढूँढताहूँरोज़-ओ-शबकौनसेजहाँमेंहै
इकमकाँकिरौशनसाबस्ती-ए-गुमाँमेंहै
सुस्त-रौमुसाफ़िरकीक़िस्मतोंपेक्यारोना
तेज़चलनेवालाभीदश्त-ए-बे-अमाँमेंहै
ख़ुशबहुतहोसुनकरसाहिलोंकाआवाज़ा
इकफ़सीलपानीकीऔरदरमियाँमेंहै
लौटनेनहींदेतायेतिलिस्मरस्तोंका
जानताहूँमैंवर्नासुखबहुतमकाँमेंहै
राज़कुछनहींखुलताइसअजबनगरकायाँ
सूदमेंथादिनभीरातभीज़ियाँमेंहै
देखतानहींहैक्यासातआसमाँवाला
कौनधूपकेअंदरकौनसाएबाँमेंहै
  - Ejaz Gul
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