KHud ko jab lag gaii nazar apni | ख़ुद को जब लग गई नज़र अपनी

  - Ejaaz Talib
ख़ुदकोजबलगगईनज़रअपनी
ज़िंदगीबनगईखंडरअपनी
जबभीसूरजग़ुरूबहोताहै
यादआतीहैदोपहरअपनी
उसकाक़िस्साभीअबतवीलनहीं
हैकहानीभीमुख़्तसरअपनी
साथहोताहैजबभीग़मउसका
मुझकोहोतीनहींख़बरअपनी
कोईमुबहमसानक़्श-ए-पाभीनहीं
सूनीसूनीहैरहगुज़रअपनी
हूँतोअपनोंकीभीड़में'तालिब'
कोईलेतानहींख़बरअपनी
  - Ejaaz Talib
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