munavvar ho ke kitnii daastaan-e-aashiqi aayi | मुनव्वर हो के कितनी दास्तान-ए-आशिक़ी आई

  - Ehsas Muradabadi
मुनव्वरहोकेकितनीदास्तान-ए-आशिक़ीआई
जहाँतकज़िक्र-ए-ग़मआयानज़रमेंरौशनीआई
तिरीइकइकनज़रलेकरपयाम-ए-ज़िंदगीआई
मिरीजानिबसेलेकिनकबमोहब्बतमेंकमीआई
जबीन-ए-शौक़मेंजबकोईशान-ए-काफ़िरीआई
तोइस्तिक़बालकरनेहरक़दमपरबंदगीआई
येजान-ए-आशिक़ीहैइसकोकिसदिलसेजुदाकरदूँ
जानेकितनेग़मसहकरतोमुझतकबेकसीआई
ज़हेक़िस्मतकिउसकोदर्द-ए-महरूमीपसंदआया
मोहब्बतऐश-ए-दो-आलमकोठुकरातीहुईआई
येआलमहैतोफिरज़ब्त-ए-मोहब्बतसेभीक्याहासिल
ज़बाँपरउनकानामआयाकिआँखोंमेंनमीआई
किसीसूरतमेंहोयेदिलकीनिस्बतछुपनहींसकती
मिरेरोनेपेआख़िरइकतुम्हींकोक्यूँहँसीआई
  - Ehsas Muradabadi
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