toofaan-e-mohabbat laakh uthe toofaan se lekin haasil kya | तूफ़ान-ए-मोहब्बत लाख उठे तूफ़ान से लेकिन हासिल क्या

  - Ehsas Muradabadi
तूफ़ान-ए-मोहब्बतलाखउठेतूफ़ानसेलेकिनहासिलक्या
जोडूबगईवोकश्तीक्याजोहाथआयावोसाहिलक्या
येबर्क़-ओ-शररयेशम्स-ओ-क़मरदेतेहैंनिशान-ए-मंज़िलक्या
दोस्तहमेंहोसकताहैअंदाज़ा-ए-रंग-ए-महफ़िलक्या
क्याकहिएकिदर्द-ए-फ़ुर्क़तसे'एहसास'तड़पताहैदिलक्या
तस्कीनतोमानामुमकिनहैतस्कीनसेलेकिनहासिलक्या
हमदूरसेक्याअंदाज़ाकरेंक्यानाज़-ओ-नियाज़-ए-उल्फ़तथे
परवानेसेहोनेवालीथीतौहीन-ए-मज़ाक़-ए-महफ़िलक्या
हैराह-ए-मोहब्बतराह-ए-रज़ाअंदेशा-ए-सूद-ओ-ज़ियाँकैसा
मैंक्यूँँदेखूँआसानहैक्यामैंक्यूँँदेखूँहैमुश्किलक्या
तौहीन-तलबतौहीन-ए-जुनूँतौहीनउरूज-ए-मंज़िलहै
मैंजिसपेपहुँचजाऊँहमदमहोसकतीहैमेरीमंज़िलक्या
इज़हार-ए-ग़म-ए-दिलकरनातो'एहसास'ब-हर-हालआसाँहै
अश्कोंकीफ़क़तदोबूंदोंकाआँखोंसेनिकलनामुश्किलक्या
  - Ehsas Muradabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy