tum achchhe maseeha ho davaa kyun nahin dete | तुम अच्छे मसीहा हो दवा क्यूँँ नहीं देते

  - Ehsan Jafri
तुमअच्छेमसीहाहोदवाक्यूँँनहींदेते
बे-नूरजोहैशम्अ'बुझाक्यूँँनहींदेते
बे-नामहूँबे-नंगहूँज़ाहिरतोहैतुमपर
गररब्तनहींदिलसेभुलाक्यूँँनहींदेते
ख़ुशबूकीतरहफूलकीउठ्ठूँगाचमनसे
तोफूलकोज़ुल्फ़ोंसेगिराक्यूँँनहींदेते
पहुँचूँगाकशाकशमेंजहाँतुमनेबुलाया
तुमहश्रकेमैदाँसेसदाक्यूँँनहींदेते
महफ़िलमेंअगररौनक़-ए-महफ़िलहैकोईऔर
येबातभीमहफ़िलकोबताक्यूँँनहींदेते
इकबूँदसीलर्ज़ांहैसर-ए-चश्म-ए-तमन्ना
नायाबनहींआबगिराक्यूँँनहींदेते
ना-कर्दागुनाहोंकीसज़ामौतमिलीहै
फिरकर्दा-गुनाहोंकीसज़ाक्यूँँनहींदेते
ज़ख़्मोंकोमिरेदिलपेअगरदेखलियाहै
दामनसेवफ़ाओंकीहवाक्यूँँनहींदेते
देखाथाकभीहमनेमोहब्बतकाजनाज़ा
बाक़ीहैअगरकुछतोदिखाक्यूँँनहींदेते
हरलम्हाहमाराहीफ़सानाहैज़बाँपर
हमकुछभीनहींहैंतोभलाक्यूँँनहींदेते
करलेंगेहरइकमंज़िल-ए-दुश्वारकोसरहम
इकजाममोहब्बतकापिलाक्यूँँनहींदेते
  - Ehsan Jafri
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