करगयागोशा-नशीनोंपेयेएहसाँकोई
देगयामश्ग़ला-ए-चाक-गरेबाँकोई
हैयहीशौक़कीपस्ती-ओ-बुलंदीकामिज़ाज
फ़र्शकीगर्दकोईअर्शकामेहमाँकोई
ज़ोफ़-ओ-हिम्मतकेकरिश्मेंहैंचेमुमकिनचेमुहाल
काममुश्किलहैकोईऔरनआसाँकोई
आजवोदिनहैकिरौशनहैशबिस्तान-ए-ख़याल
रोकदेबढ़केज़रागर्दिश-ए-दौराँकोई
ज़ुल्फ़-ओ-काकुलकाफ़सानाहोकिसीतरहदराज़
इसख़म-ओ-पेचमेंहैसिलसिला-जुम्बाँकोई
औरभीज़ख़्महैंऐचाक-ए-गरेबान-ए-जुनूँ
तूहँसेयानहँसेहोगानुमायाँकोई
ऐसेसहरामेंजहाँनख़्लकासायाभीनथा
बढ़गयाछोड़केतन्हाहमें'एहसाँ'कोई