khizaan men ab phool aane waale hain | ख़िज़ाँ में अब फूल आने वाले हैं

  - Ehsan Akbar
ख़िज़ाँमेंअबफूलआनेवालेहैं
तुममगरसाथसाथरहना
किहमसवाब-ओ-ख़ताकेक़िस्सोंकाज़िक्रकरके
फ़ज़ाकोपहलेहीइतनाबोझलबनाचुकेहैं
किख़ुश्कपत्ताभीगिरनेलगजाएतोहवासिसकियाँसीलेतीहैचीख़तीहै
उदासलम्होंमेंरौशनीअपनेसाथरखना
तुमअपनेहाथोंकीओटकरके
चराग़लाओ
तोयादरखनाकिरौशनीसेदियोंकोभरना
करमनहींहै
किसीपेएहसानतोनहींहैकिहमनेकिरनेंबिखेरदीहैं
किरौशनीसबकीज़िंदगीहै
गुलोंकीपस्पाइयोंकीराहोंकोरोकनाहोतोनूरबाँटो
किरौशनीनक़्द-ए-ज़िंदगीहै
ख़िज़ाँकेफूलोंसेतुमकहना
गईरुतोंकीहलावतेंक्याथींरंगक्याथा
रुतोंकेज़िंदासियाक़
मुर्दासबाक़से
अपनारब्तक्याथा
हमेंरुतोंकेमिटेनिशानोंसेढूँढ़नाहैं
वोनाम
जोयादरहगएहैं
निशानबे-नामसूरतोंके
जोकलउगेंगी
चराग़फूलोंके
इनहवाओंमें
जलनामुश्किलहैं
जलगएतो
उजालाजितनाभीहोबहुतहै
  - Ehsan Akbar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy