sadaqat men bhi dhokha kyuuñ karen ham | सदाक़त में भी धोखा क्यूँ करें हम

  - Nazar Dwivedi
सदाक़तमेंभीधोखाक्यूँकरेंहम
इबादतकादिखावाक्यूँकरेंहम
बनाईख़ूब-सूरतजबख़ुदाने
तोफिरगन्दीयेदुनियाक्यूँकरेंहम
उजालाकरनहींसकतेअगरतो
चराग़ोंकोबुझायाक्यूँकरेंहम
ठिकानाएकलम्हेकानहींजब
तोफिरकलकाभरोसाक्यूँकरेंहम
लगासकतेनहींमरहमकिसीको
तोज़ख़्मोंमेंइज़ाफ़ाक्यूँकरेंहम
जहाँनख़रोंपेहीनज़रेंटिकीहों
वहाँचर्चातुम्हाराक्यूँकरेंहम
गुज़ारीउम्रतबआईसफे़दी
'नज़र'बालोंकोकालाक्यूँकरेंहम
  - Nazar Dwivedi
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