jitna bheetar se chatpatata hooñ | जितना भीतर से छटपटाता हूँ

  - Nazar Dwivedi
जितनाभीतरसेछटपटाताहूँ
उतनाबाहरसमुस्कुराताहूँ
मुझकोअक्सरवहीडरातेहैं
जिनगुनाहोंकोभूलजाताहूँ
मुझकोदेताहैहौसलाकोई
जबभीमुश्किलमेंख़ुदकोपाताहूँ
जबभीहोतीनईग़ज़लकोई
ख़ुदसेपहलेतुझेसुनाताहूँ
लोगगिनतेहैंकिर्चियाँमेरी
इतनेहिस्सेमेंटूटजाताहूँ
राहतकताहूँउसकीमुद्दतसे
जोकहाथामैंलौटआताहूँ
जीतलेताहूँमैंसमुन्दरको
औरक़तरेसेहारजाताहूँ
  - Nazar Dwivedi
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