jeete rahna bhi saza ho jaise | जीते रहना भी सज़ा हो जैसे

  - Nazar Dwivedi
जीतेरहनाभीसज़ाहोजैसे
जिस्मसूलीपेटंगाहोजैसे
संगइतनायेमुअत्तरक्यूँहै
तेरेहाथोंनेछुआहोजैसे
आशियानेमेंदरारेंइतनी
यहभीमुफ़लिसकीक़बाहोजैसे
ऐसालगताहैदलीलेंसुनकर
उसकीपहलीहीख़ताहोजैसे
क़त्लकरतींयेनिगाहेंतेरी
ज़हरउनमेंभीमिलाहोजैसे
डूबजातामैंयक़ीननलेकिन
पारउसनेहीकियाहोजैसे
मेरेक़ातिलकीअजबहालतथी
मुझसेेपहलेवोमराहोजैसे
  - Nazar Dwivedi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy