सबकुछलुटाकेआजयहीसोचताहूँमैं
अबतकतुम्हारेइश्क़मेंक्यूँमुब्तलाहूँमैं
इकदिनपढ़ेंगेलोगमुझेजानताहूँमैं
अबतककिसीगुनाहसाख़ुदमेंछुपाहूँमैं
जैसेकोईहिसाबहोबाक़ीबचाहुआ
आसेबसाजोख़ुदकेहीपीछेपड़ाहूँमैं
नफ़रतसेदेखताहैज़मानायेआजकल
जैसेकिसीग़रीबकीमैलीरिदाहूँमैं
होतीनहींहैंख़त्महीख़ुदसेशिकायतें
लगताहैअपनेआपसेउकतागयाहूँमैं
नाकामहोरहीहैंमिटानेकीकोशिशें
शायदकिसीकेहोंठकीहर्फ़-ए-दुआहूँमैं
तुझकोतोअपनीचालहीचलनीथीऐ'नज़र'
तुझसेनहींनसीबसेअपनेख़फ़ाहूँमैं