jitna dikhta hooñ mujhe us se ziyaada na samajh | जितना दिखता हूँ मुझे उस से ज़ियादा न समझ

  - Dwijendra Dwij
जितनादिखताहूँमुझेउससेज़ियादासमझ
इसज़मींकाहूँमुझेकोईफ़रिश्तासमझ
येतिरीआँखकेधोकेकेसिवाकुछभीनहीं
एकबहतेहुएदरियाकोकिनारासमझ
छोड़जाएगातिरासाथअँधेरेमेंयही
येजोसायाहैतिराइसकोभीअपनासमझ
जिनकिताबोंनेअँधेरोंकेसिवाकुछदिया
उनकिताबोंकेउजालोंकोउजालासमझ
येजोबिफरातोडुबोएगासफ़ीनेकितने
तूइसेआँखसेटपकाहुआक़तरासमझ
वोतुझेबाँटनेआयाहैकईटुकड़ोंमें
मुस्कुरातेहुएशैताँकोमसीहासमझ
तुझसेहीमाँगरहाहैवोतोख़ुदअपनावजूद
ख़ुदजोसाइलहैउसेकोईख़लीफ़ासमझ
हैतिरेसाथअगरतेरेइरादोंकाजुनून
क़ाफ़िलाहैतूकभीख़ुदकोअकेलासमझ
साथहैंमेरेबुज़ुर्गोंकीदुआएँइतनी
मैंहूँमहफ़िलतूमुझेपलकोभीतन्हासमझ
  - Dwijendra Dwij
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