shahar men aa ga.e kya log biyaabaanon ke | शहर में आ गए क्या लोग बयाबानों के

  - Dua Ali
शहरमेंगएक्यालोगबयाबानोंके
कर्बमेंहोगएगुमक़हक़हेअरमानोंके
तुमनेदेखेनहींजज़्बोंकेफ़लक-बोसशजर
शबकीतारीकीमेंजलतेहुएदालानोंके
हमसेक़ाएमहैतिरेलफ़्ज़ोंकायेशीराज़ा
हमसेकिरदारबनेहैंतिरेअफ़्सानोंके
क्यूँमुझेदुखमिराऔरोंसेजुदालगताहै
दुखअगरहोतेहैंसबएकसेइंसानोंके
कैसेआएगीतिरेजिस्मकीख़ुशबूमुझतक
खिड़कियाँहोतीदरवाज़ेहैंज़िंदानोंके
अब'दु'आ'किसकीउमीदोंकेसहारेपेजिएँ
टुकड़ेतोदेखलिएख़्वाबमेंगुल-दानोंके
  - Dua Ali
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