akeli kyun rahe birhan ye baarish ne kaha mujh se | अकेली क्यूँँ रहे बिरहन ये बारिश ने कहा मुझ से

  - Dua Ali
अकेलीक्यूँँरहेबिरहनयेबारिशनेकहामुझसे
बुलालेपासतूसाजनयेबारिशनेकहामुझसे
तुम्हारीसाँसमहकेगीकिताज़ायादभीहोगी
भिगोनेदेमुझेआँगनयेबारिशनेकहामुझसे
कभीतुमसाथभीगेथेमगरमफ़्हूमआँखेंअब
भिगोतीहैंतिरादामनयेबारिशनेकहामुझसे
समुंदरकेकिनारोंपरचलाथाहम-क़दमलेकिन
बनावोशख़्सक्यूँँदुश्मनयेबारिशनेकहामुझसे
हवाओंनेतिराआँचलउड़ाडालातिरेसरसे
बड़ीमस्तीमेंहैसावनयेबारिशनेकहामुझसे
तिरेहोंटोंमेंसजतीथीतिरेसाजनकेहाथोंसे
कभीइमलीकभीजामनयेबारिशनेकहामुझसे
कहींपरदेसमेंहोगा'दु'आ'साजनकोबुलवाले
यूँँबे-कारकरजीवनयेबारिशनेकहामुझसे
  - Dua Ali
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