mujhe hansne ki aadat thii magar vo aur kuchh samjha | मुझे हँसने की आदत थी मगर वो और कुछ समझा

  - Dua Ali
मुझेहँसनेकीआदतथीमगरवोऔरकुछसमझा
ज़रासीइकशरारतथीमगरवोऔरकुछसमझा
मिरीहरबातपरहँसनेसेअक्सरवोउलझताथा
मुझेउससेमोहब्बतथीमगरवोऔरकुछसमझा
मैंहँसतीथीकिरंज-ओ-ग़ममिराज़ाहिरहोउसपर
मुक़द्दरमेंजोज़ुल्मतथीमगरवोऔरकुछसमझा
मैंसुनकरटालजातीथीनसीहतकीसभीबातें
मिरीदिलसेबग़ावतथीमगरवोऔरकुछसमझा
सुनानाहाल-ए-दिलचाहामगरउसकोभीजल्दीथी
बड़ीअच्छीहिकायतथीमगरवोऔरकुछसमझा
मनानाचाहतीथीसच्चेदिलसे'दु'आ'उसको
उसेमुझसेशिकायतथीमगरवोऔरकुछसमझा
  - Dua Ali
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