tere aangan men wafaon ka shajar rakha tha | तेरे आँगन में वफ़ाओं का शजर रक्खा था

  - Diya Jeem
तेरेआँगनमेंवफ़ाओंकाशजररक्खाथा
अपनेहोंटोंपेदु'आओंकाशजररक्खाथा
कैसेयादकीखिड़कीमेंठहरतीकलशब
मेरेकमरेमेंसदाओंकाशजररक्खाथा
याद-ए-जानाँकेपरिंदोंकेसुकूँकीख़ातिर
अपनेसीनेमेंवफ़ाओंकाशजररक्खाथा
जानेक्यासोचकेफ़ितरतसेमोहब्बतकीथी
मेरेअज्दादनेगाँवकाशजररक्खाथा
मेरीक़िस्मतमेंमोहब्बतकासिताराहीनहीं
मेरीक़िस्मतमेंजफ़ाओंकाशजररक्खाथा
वैसेतोप्यारकीछाँवसेमोहब्बतथी'दिया'
परकहींदिलमेंअनाओंकाशजररक्खाथा
  - Diya Jeem
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