jab bhi ho mujh ko thakan tum ko dua deti hooñ | जब भी हो मुझ को थकन तुम को दु'आ देती हूँ

  - Diya Jeem
जबभीहोमुझकोथकनतुमकोदु'आदेतीहूँ
घरकेकामोंमेंमगनतुमकोदु'आदेतीहूँ
ऐसालगताहैमोहब्बतकाख़ुदाहैउसमें
देखतीहूँजोगगनतुमकोदु'आदेतीहूँ
डूबतेचाँदकेपाँवमेंमधुरसाज़होजब
दिलमेंझाँकेजोकिरनतुमकोदु'आदेतीहूँ
सोचतीरहतीहूँतुमकोहीबिठाकरदिलमें
ऐसीजागीहैलगनतुमकोदु'आदेतीहूँ
वहशतोंनेहीजलायाहै'दिया'तेराबदन
चाँदजैसाहोयेमनतुमकोदु'आदेतीहूँ
  - Diya Jeem
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